किसानों के लिए अनूठी पहल वाली पेंशन योजना

एक दौर था जब किसान खाली पेट मरते थे। यानी कि भूख और कड़े परिश्रम के कारण उन्हें असमय मरना पड़ता था। आज वह दौर है कि उन्हें भरे पेट मरना पड़ रहा है। अन्न के भण्डार जरूरत से ज्यादा भरने वाला किसान आज भी मर रहा है। सरकार किसानों की ​बुढ़ापे की लाठी बन कर खड़ी हुई है। जीवन भर परिश्रम करने वाला किसान वैसे तो एक पैसा जोड़ नहीं पाते । सरकार की इस योजना के माध्यम से बहुत थोड़ा अंशदान देकर अपने बुढ़ापे का इंतजाम कर सकते हैं।
सभी किसान लें लाभ


भारत सरकार ने देश के सभी छोटे बड़े किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना शुरू की है। 9 अगस्त 2019 से प्रभावी इस योजना के लाभार्थी सभी लघु — सीमांत, महिला एवं पुरुष किसान हो सकते हैं। पंजीकृत किसानों को 60 साल की उम्र का होने पर तीन हजार रुपए पेंशन के रूप में मिलेंगे। योजना में पंजीकरण के लिए 18 से 40 वर्ष तक का कोई किसान अपना पंजीकरण करा सकता है। उसके पास अधिकतम दो हैक्टेयर तक जमीन होनी चाहिए।
किन्हें नहीं मिलेगा लाभ
अनेक लोग जो अफसर, मंत्री, विधायक, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, वरिष्ठ सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी आदि जो साधन सम्पन्न होते हैं और जमीन के मालिकाना हक के कारण किसान भी होते हैं इस योजना के लाभार्थी नहीं बन सकते। डाक्टर, इंजीनियर, वकील, सीए आदि पेशेवर लोगों को भी इस योजना का लाभ नहीं ​मिलेगा।
कैसे मिलेगी पेंशन
स्वैच्छिक अंशदान पर आधारित इस पेंशन योजना का लाभ किसान की आयु 60 वर्ष पूर्ण होने के साथ ही शुरू हो जाएगा। उम्र के हिसाब से 55 से अधिकतम 200 रुपए महीने की राशि किसान को वर्तमान से 60 वर्ष का होने तक जमा करनी होगी। बाकी जीवन भर उन्हें पेंशन योजना की एकमुश्त धनराशि तीन हजार के हिसाब से मिलती रहेगी। योजना में पजीकरण कराने के बाद यदि किसान इसे चला नहीं पाते तो उन्हें ब्याज सहित पैसा वापस करने की व्यवस्था भी रखी गई है। ​प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना अवधि से पूर्व मृत्यु होती है तो उसकी पत्नी या बच्चे जारी रख सकते हैं या फिर ब्याज सहित अपना पैसा वापस ले सकते हैं। इसके अलावा किसान परिवार को अंशदान का आधा यानी 1500 रुपए मासिक पैंशन की भी व्यवस्था है।
कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन
इच्छुक किसान खेत के कागजात, बैंक पासबुक, आधार कार्ड की कापी लेकर किसी भी जन सुविधा केन्द्र या आनलाइन सेवा प्रदाता के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

Originally Publlished By: किसानों के लिए अनूठी पहल वाली पेंशन योजना

Comments